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शुक्रवार, 11 नवंबर 2011

3 टिप्‍पणियां:

  1. आपके पोस्ट पर आना सार्थक हुआ । बहुत ही अच्छी प्रस्तुति । मेर नए पोस्ट "उपेंद्र नाथ अश्क" पर आपकी सादर उपस्थिति प्रार्थनीय है । धन्यवाद ।

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  2. आपने मेरा संबोधन प्रवीण जी कह कर किया है । कृपया मेरे पोस्ट पर आकर प्रेम सागर सिंह जी करें । धन्यवाद ।

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  3. प्रस्तुति अच्छी लगी । मेरे नए पोस्ट " जाके परदेशवा में भुलाई गईल राजा जी" पर आपके प्रतिक्रियाओं की आतुरता से प्रतीक्षा रहेगी । नव-वर्ष की मंगलमय एवं अशेष शुभकामनाओं के साथ ।

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